होटल-रेस्टोरेंट में घटिया गुणवत्ता और दूषित लिक्विड हैंडवॉश बन सकता है जनस्वास्थ्य के लिए घातक ! होटलों में हाथ साफ करने वाला लिक्विड साबुन बन रहे हैं संक्रमण का साधन…..

होटल और रेस्टोरेंट में भोजन करने के दौरान हम स्वच्छता को लेकर काफी सजग दिखाई देते हैं। साफ मेज, चमकते बर्तन, स्वच्छ वॉशबेसिन और उसके पास रखा लिक्विड सोप डिस्पेंसर देखकर सामान्यतः यह विश्वास हो जाता है कि प्रतिष्ठान स्वच्छता के प्रति गंभीर है। लेकिन क्या कभी हमने सोचा है कि जिस लिक्विड साबुन से हम अपने हाथों को संक्रमणमुक्त करने का प्रयास कर रहे हैं, यदि वही दूषित हो तो क्या होगा?
समस्या विशेष रूप से उन स्थानों पर गंभीर हो सकती है, जहां लागत कम करने के लिए अत्यंत सस्ते लिक्विड हैंडवॉश का उपयोग, पानी मिलाकर उसका घनत्व कम करना, पुराने डिस्पेंसर को ठीक से साफ किए बिना बार-बार भरना अथवा आधे भरे कंटेनर में नया साबुन डालते रहने जैसी आदतें अपनाई जाती हैं। वैज्ञानिक अध्ययनों में खुले, बार-बार भरे जाने वाले यानी bulk-soap refillable dispensers में बैक्टीरियल contamination का जोखिम दर्ज किया गया है। एक अध्ययन में दूषित साबुन से हाथ धोने के बाद हाथों पर Gram-negative bacteria की संख्या घटने के बजाय लगभग 26 गुना बढ़ी पाई गई।
सस्ता है लेकिन गुणवत्ता संदिग्ध
यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि हर कम कीमत वाला लिक्विड साबुन अपने-आप स्वास्थ्य के लिए खतरनाक नहीं होता और न ही हर होटल-रेस्टोरेंट में ऐसा हो रहा है। वास्तविक चिंता उस स्थिति में है जब उत्पाद की गुणवत्ता संदिग्ध हो, उसमें पर्याप्त preservative system न हो, अनधिकृत रूप से पानी मिलाया जाए या dispenser को बिना धोए-सुखाए लगातार “टॉप-अप” किया जाता रहे।
खाद्य प्रतिष्ठानों में refillable bulk soap पर किए गए एक अध्ययन में 296 नमूनों की जांच की गई। अधिकांश नमूनों में सूक्ष्मजीव नहीं मिले, लेकिन जिन नमूनों में contamination मिला, उनमें bacterial load काफी अधिक हो सकता था। शोधकर्ताओं ने Klebsiella, Serratia, Enterobacter जैसे जीवाणुओं की पहचान की। विशेष रूप से कम solid content वाले नमूनों में contamination का संबंध पाया गया, जिससे अत्यधिक dilution अथवा कमजोर formulation की भूमिका की संभावना सामने आती है।
हाथ धोने के मायने ही उलट गए ?
साबुन का उद्देश्य हाथों से गंदगी, तेल और सूक्ष्मजीवों को हटाने में सहायता करना है। लेकिन यदि साबुन रखने वाला कंटेनर स्वयं bacteria का reservoir बन जाए, तो व्यक्ति अनजाने में हाथ साफ करने के दौरान ही नए जीवाणुओं के संपर्क में आ सकता है।
इसका प्रभाव केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। हाथ धोने के बाद वही व्यक्ति दरवाजे का हैंडल, नल, कुर्सी, मेज, मोबाइल फोन, भोजन परोसने के उपकरण या भोजन को छू सकता है। शोध में दूषित bulk soap से हाथ धोने के बाद bacteria का दूसरी सतहों तक स्थानांतरण भी प्रदर्शित हुआ है। होटल-रेस्टोरेंट जैसे स्थानों में, जहां कम समय में सैकड़ों लोग समान सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं, यह पहलू विशेष रूप से विचारणीय है।
होटलों से संबंधित एक अन्य अध्ययन में refillable pump dispensers और non-refillable systems की तुलना भी उल्लेखनीय है। जर्मनी के होटल कमरों से एकत्र 104 dispensers के अध्ययन में refillable pump dispensers में contamination की दर 70.2 प्रतिशत, जबकि non-refillable press dispensers में 10.6 प्रतिशत पाई गई। शोध में Pseudomonas aeruginosa, Serratia marcescens सहित विभिन्न Gram-negative bacteria भी मिले।
पानी मिलाना कितना घातक ?
कई प्रतिष्ठानों में यदि लागत बचाने के उद्देश्य से लिक्विड हैंडवॉश में मनमाने ढंग से पानी मिलाया जाता है, तो यह केवल साबुन को पतला करने का मामला नहीं है। तैयार formulation में preservative, surfactant, pH और अन्य घटकों का निश्चित संतुलन होता है। अनियंत्रित dilution इस संतुलन को बिगाड़ सकता है और contamination के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर सकता है। यदि साथ में dispenser की अंदरूनी दीवारों या pump mechanism पर biofilm बन जाए, तो बार-बार नया साबुन डालना समस्या का समाधान नहीं होता।
इसलिए होटल और रेस्टोरेंट में स्वच्छता का मूल्यांकन केवल इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि वॉशबेसिन पर “साबुन उपलब्ध” है। सवाल यह भी होना चाहिए—वह साबुन किस गुणवत्ता का है, कैसे संग्रहित है, dispenser कितनी नियमितता से साफ और disinfect किया जाता है, और क्या पुराने साबुन के ऊपर नया साबुन डालकर container को लगातार refill किया जा रहा है?
दिखावे से आगे बढ़ना होगा स्वच्छता के मामलों में
छोटे-बड़े होटल, ढाबे, कैफे और रेस्टोरेंट खाद्य-सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। प्रतिष्ठानों को विश्वसनीय गुणवत्ता वाला handwash इस्तेमाल करने, साबुन में पानी न मिलाने, refillable containers को निर्धारित प्रक्रिया से साफ और पूरी तरह सुखाने तथा जहां संभव हो sealed cartridge dispensing systems अपनाने पर विचार करना चाहिए।
नियामक एवं स्थानीय स्वास्थ्य निकायों के लिए भी खाद्य पदार्थों और रसोई की जांच के साथ hand-hygiene infrastructure की गुणवत्ता पर ध्यान देना उपयोगी होगा। नियमित निरीक्षण में साबुन की खरीद, भंडारण, dilution और dispenser maintenance जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जा सकता है।
विडंबना यह होगी कि जिस साबुन को संक्रमण से बचने के लिए हाथों पर लगाया जा रहा है, वही लापरवाही और खराब रखरखाव के कारण संक्रमण फैलाने कारण बनता दिख रहा है। इसलिए अब प्रश्न केवल “हाथ धोए या नहीं” का नहीं, बल्कि “किससे और किस व्यवस्था में हाथ धोए” का भी है।
ब्यूरो रिपोर्ट
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