प्रेस विज्ञप्ति
श्री राम धार्मिक रामलीला समिति (पंजी.) सफदरजंग एन्कलेव, नई दिल्ली
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026
सफदरजंग एन्कलेव की श्रीराम धार्मिक रामलीला में दूसरे दिन राम जन्म से ताड़का वध तक की लीला का मंचन
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री harsh Malhotra रहे मुख्य अतिथि
भारी बारिश के बाद, प्रभु श्रीराम की कृपा, स्वयंसेवकों और सफाईकर्मियों की अथक मेहनत से स्वच्छ एवं सुंदर स्वरूप में लौटा रामलीला प्रांगण
मालवीय नगर के हजारों श्रद्धालुओं ने लिया रामलीला मंचन का आनंद।
श्री राम धार्मिक रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव 2026 के दूसरे दिन आज भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर ताड़का वध तक के प्रसंगों का मंचन किया गया ।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के दिव्य जन्म, अयोध्या में उत्सव के वातावरण, महर्षि विश्वामित्र के आगमन, राम-लक्ष्मण के उनके साथ प्रस्थान और ताड़का वध जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों के माध्यम से दर्शकों को प्रभु श्रीराम के जीवन की प्रारंभिक लीलाओं से परिचित कराया गया।

आपको विदित ही होगा, कि बीती रात दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण रामलीला मैदान की स्थिति काफी खराब हो गई थी। हालांकि, प्रभु श्रीराम की कृपा और समिति के स्वयंसेवकों, सफाईकर्मियों तथा व्यवस्था से जुड़े अन्य कर्मचारियों के अथक परिश्रम से रामलीला प्रांगण को पुनः स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया गया।
इसी कारण से दूसरे दिन
भी मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र के हजारों लोगों ने लीला स्थल पर पहुंचकर भगवान श्रीराम की लीलाओं का आनंद लिया।
आज श्रीराम धार्मिक लीला के मंच पर केंद्रीय मंत्री और दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष Harsh Malhotra मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे ।
श्री राम धार्मिक रामलीला समिति के मंच पर समिति के चेयरमैन श्री सतीश उपाध्याय और समिति के बाकी प्रमुख सदस्यों ने मंच पर उनका सम्मान किया । इस अवसर पर श्री harsh मल्होत्रा ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि श्री सतीश उपाध्याय जी के नेतृत्व में श्रीराम धार्मिक रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव में पारंपरिक धार्मिक प्रसंगों के मंचन के साथ स्वच्छता, सुरक्षा और सामाजिक सहभागिता को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है।
उन्हें ये जानकर बेहद खुशी हुई है कि इस समिति का प्रयास है कि लीला स्थल पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की महत्ता समझने और अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का अनुभव भी प्राप्त हो।
रामलीला के माध्यम से मर्यादा, सेवा, त्याग, कर्तव्य और धर्म के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है इसलिए उन्होंने सभी दर्शकों से भी अपील करते हुए कहा कि वे आयोजन में सहभागी बनें, परिसर की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें और इस सांस्कृतिक परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं।
राम जन्म से ताड़का वध तक:
आस्था, आदर्श और धर्म की स्थापना की लीला
रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन का मंचन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के अत्यंत महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत किया गया । भगवान श्रीराम का जन्म केवल अयोध्या के राजपरिवार में एक राजकुमार के आगमन का प्रसंग नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा, करुणा और आदर्श जीवन के प्रतीक के रूप में प्रभु के अवतरण का उत्सव है।
भगवान श्रीराम के जन्म के प्रसंग में अयोध्या नगरी में छाए आनंद और उत्सव के वातावरण को मंच पर प्रस्तुत किया गया । महाराज दशरथ के महल से लेकर पूरी अयोध्या में उल्लास, मंगलगान और उत्सव की छटा के माध्यम से दर्शकों को उस दिव्य प्रसंग से जोड़ने का प्रयास किया गया, जो सदियों से भारतीय जनमानस की आस्था का केंद्र रहा है।
इसके बाद राम और लक्ष्मण के बाल्यकाल तथा महर्षि विश्वामित्र के अयोध्या आगमन का प्रसंग मंचित हुआ । महर्षि विश्वामित्र द्वारा महाराज दशरथ से यज्ञ की रक्षा के लिए राम और लक्ष्मण को अपने साथ भेजने का आग्रह राम कथा को एक महत्वपूर्ण मोड़ देता है। यह प्रसंग दर्शाता है कि राजकुमार होने के बावजूद श्रीराम ने गुरु की आज्ञा, कर्तव्य और धर्म की रक्षा को सर्वोपरि माना।
महर्षि विश्वामित्र के साथ वन की ओर प्रस्थान करने के बाद राम और लक्ष्मण का सामना ताड़का से होता है। ताड़का वध का प्रसंग अधर्म और आतंक के विरुद्ध धर्म की रक्षा के संकल्प को दर्शाता है। इस मंचन के माध्यम से दर्शकों को यह संदेश मिलेगा कि धर्म की स्थापना, निर्बलों की रक्षा और समाज में शांति बनाए रखना एक महत्वपूर्ण दायित्व है।
इन प्रसंगों के माध्यम से रामलीला केवल धार्मिक कथा का मंचन नहीं, बल्कि भारतीय जीवन मूल्यों, गुरु-शिष्य परंपरा, कर्तव्यनिष्ठा, साहस और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश भी देती है।
भारी बारिश के बाद फिर मुस्कुराया रामलीला प्रांगण
बीती रात दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश ने रामलीला प्रांगण की व्यवस्थाओं के सामने चुनौती खड़ी कर दी थी। मैदान की स्थिति खराब होने के कारण परिसर को दोबारा स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास करने पड़े।
ऐसे समय में समिति के स्वयंसेवकों, सफाईकर्मियों और व्यवस्था से जुड़े अन्य कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ मोर्चा संभाला। लगातार मेहनत करते हुए उन्होंने परिसर की सफाई, आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और दर्शकों के स्वागत के लिए स्थल को तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रभु श्रीराम की कृपा और सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों से रामलीला प्रांगण ने एक बार फिर अपना सुंदर एवं स्वच्छ स्वरूप प्राप्त किया। यह प्रयास इस बात का उदाहरण बना कि सामूहिक संकल्प, सेवा भावना और समर्पण से कठिन परिस्थितियों का भी सामना किया जा सकता है।
समिति के चेयरमैन,

श्री सतीश उपाध्याय ने समिति के सभी स्वयंसेवकों, सफाईकर्मियों और व्यवस्थाओं में जुटे कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी बड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन की सफलता में पर्दे के पीछे कार्य करने वाले लोगों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उनकी मेहनत से ही श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण में लीला दर्शन का अवसर मिलता है।
मालवीय नगर के हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने बढ़ाया उत्साह
कल रात के प्रतिकूल मौसम और बारिश के बाद उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद रामलीला के दूसरे दिन भी मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र के हजारों लोगों का लीला स्थल पर पहुंचना आयोजन के प्रति जनसामान्य की आस्था और उत्साह को दर्शाता है। परिवारों, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों की सहभागिता ने रामलीला के धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण को और अधिक जीवंत बनाया। भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को मंच पर देखने और अपनी परंपराओं से जुड़ने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन से जुड़े सभी लोगों का उत्साह बढ़ाया।
श्री राम धार्मिक रामलीला समिति ने प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से रामलीला महोत्सव के सफल आयोजन की कामना करते हुए सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों, स्वयंसेवकों और व्यवस्थाओं में योगदान देने वाले कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
जारीकर्ता –
विकास कौशिक
मीडिया सलाहकार
श्री राम धार्मिक रामलीला समिति (पंजी.)
संपर्क: 9319471155

