सोशल मीडिया और फेक न्यूज़: सच पहचानना क्यों हो रहा मुश्किल?

सोशल मीडिया और फेक न्यूज़: सच पहचानना क्यों हो रहा मुश्किल?

सोशल मीडिया और फेक न्यूज़: सच पहचानना क्यों हो रहा मुश्किल? आज का दौर डिजिटल क्रांति का दौर है। खबरें अब अख़बार के अगले दिन आने का इंतज़ार नहीं करतीं, बल्कि एक क्लिक में हमारे मोबाइल स्क्रीन पर आ जाती हैं। सोशल मीडिया—जैसे फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हाट्सऐप—सूचना का सबसे बड़ा माध्यम बन…

Read More
हिंसा और अराजकता

अनिश्चित भविष्य एवं आभासी दुनिया से दुःखी युवापीढ़ी

– ललित गर्ग – पूरी दुनिया की सरकारें युवा के मुद्दों, उनमें बढ़ रहे तनाव एवं दुःखों और उनकी बातों पर ध्यान आकर्षित करे। न केवल सरकारें बल्कि आम-जनजीवन में भी युवकोें की स्थिति, उनके सपने, उनके जीवन लक्ष्य आदि पर चर्चाएं हो, अन्यथा युवकों की जीवनशैली में रचनात्मक परिवर्तन के स्थान पर हिंसा-आतंक-विध्वंस की…

Read More