सामाजिक न्याय एवं समानता के पुरोधा पुरुष थे डॉ. अंबेडकर -ललित गर्ग-
आधुनिक भारत के निर्माण की जब भी चर्चा होती है, तो डॉ. भीमराव अंबेडकर का व्यक्तित्व एक ऐसे विराट स्तंभ के रूप में सामने आता है, जिसने न केवल संविधान की रचना की, बल्कि भारतीय समाज की आत्मा को समता, न्याय और मानवीय गरिमा के मूल्यों से अनुप्राणित किया। डॉ. अंबेडकर एक प्रसिद्ध राजनीतिक…

