विश्व राजनीति में भारत की भूमिका बदलता समीकरण

विश्व राजनीति में भारत की भूमिका बदलता समीकरण

भूमिका : 21वीं सदी में विश्व राजनीति तेजी से बदल रही है। वैश्विक शक्तियों के समीकरण, कूटनीतिक संबंध, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा नीतियों के संदर्भ में भारत की भूमिका अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। भारत, जो कभी एक विकासशील राष्ट्र के रूप में जाना जाता था, आज एक उभरती हुई महाशक्ति…

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बलूचिस्तान में नया विवाद लोगों ने इस्लाम धर्म मानने से किया इनकार

बलूचिस्तान में नया विवाद लोगों ने इस्लाम धर्म मानने से किया इनकार

  इस्लाम के संस्थापक मोहम्मद हजरत का जन्म 1400 साल पहले हुआ इन्हें ही इस्लाम का जनक माना जाता है, * ईसा मसीह का जन्म भी 2000 वर्ष पूर्व हुआ इन्हे ईसाई धर्म का संस्थापक माना जाता है, * तथा श्रीरामचन्द्र जी का जन्म 7000 साल पहले हुआ तब सम्पूर्ण विश्व में केवल सनातन धर्म…

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तपस्वी राजमाता अहल्याबाई होल्कर

31 मई/जन्म-दिवस तपस्वी राजमाता अहल्याबाई होल्कर

भारत में जिन महिलाओं का जीवन आदर्श, वीरता, त्याग तथा देशभक्ति के लिए सदा याद किया जाता है, उनमें रानी अहल्याबाई होल्कर का नाम प्रमुख है। उनका जन्म 31 मई, 1725 को ग्राम छौंदी (अहमदनगर, महाराष्ट्र) में एक साधारण कृषक परिवार में हुआ था। इनके पिता श्री मनकोजी राव शिन्दे परम शिवभक्त थे। अतः यही…

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विनायक दामोदर सावरकर जयंती

विनायक दामोदर सावरकर जयंती: एक क्रांतिकारी विचारक को नमन

हर साल 28 मई को भारतवासी वीर सावरकर की जयंती मनाते हैं, जो न केवल स्वतंत्रता संग्राम के एक तेजस्वी सेनानी थे, बल्कि एक लेखक, इतिहासकार, समाज सुधारक और राजनीतिक विचारक भी थे। विनायक दामोदर सावरकर का जीवन भारतीय इतिहास में एक प्रेरणादायक गाथा है, जिसमें त्याग, बलिदान और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रेम की…

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जलवायु परिवर्तन और मौसम परिवर्तन: 2025 भारतीय परिप्रेक्ष्य में विवरण

जलवायु परिवर्तन और मौसम परिवर्तन: 2025 भारतीय परिप्रेक्ष्य में विवरण

जलवायु परिवर्तन 21वीं सदी की सबसे गंभीर वैश्विक चुनौतियों में से एक हो गया है। पृथ्वी का बढ़ता तापमान, बदलता मौसमी चक्र, और अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाएं अब किसी भविष्यवाणी का विषय नहीं, बल्कि एक जीवंत सच्चाई हो गई हैं।   2025 में भारत ने इस परिवर्तन के कई सीधे प्रभावों का सामना किया, विशेषकर गर्मियों…

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पहलगाम में धर्म पूछ कर मारने वाली घटना पहली नहीं है:

पहलगाम में धर्म पूछ कर मारने वाली घटना पहली नहीं है: नफरत की ज़मीन पर खून का खेल”

पहलगाम में धर्म पूछ कर मारने वाली घटना पहली नहीं है: नफरत की ज़मीन पर खून का खेल” प्रस्तावना भारत जैसे बहुधार्मिक, बहुसांस्कृतिक और विविधता से भरे देश में यदि कोई इंसान सिर्फ अपने धर्म की वजह से मार दिया जाए, तो यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक पतन का संकेत…

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