hindi Diwas

हिंदी की वैश्विक स्वीकार्यता के बावजूद देश में उपेक्षा क्यों?

– ललित गर्ग – हिंदी दिवस केवल एक औपचारिक आयोजनात्मक अवसर नहीं, बल्कि हमारी भाषाई अस्मिता राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक आत्मगौरव का प्रयोजनात्मक प्रतीक है। विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली तीसरी भाषा के रूप में हिंदी विश्व की उन चुनिंदा भाषाओं में से एक है जिसे करोड़ों लोग अपनी मातृभाषा, संपर्क भाषा और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति…

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हृदय रोग

भारतीय दिल खतरे में, एक गंभीर चुनौती की टंकार

  – ललित गर्ग – आधुनिक युग को यदि सुविधाओं और संसाधनों का युग कहा जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी, लेकिन इन सुविधाओं और विलासिताओं की कीमत भी समाज को चुकानी पड़ रही है। मशीनों और तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, परंतु इसके साथ ही ऐसी अनेक जीवनशैली-जनित बीमारियों को जन्म दिया…

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हिंसा और अराजकता

अनिश्चित भविष्य एवं आभासी दुनिया से दुःखी युवापीढ़ी

– ललित गर्ग – पूरी दुनिया की सरकारें युवा के मुद्दों, उनमें बढ़ रहे तनाव एवं दुःखों और उनकी बातों पर ध्यान आकर्षित करे। न केवल सरकारें बल्कि आम-जनजीवन में भी युवकोें की स्थिति, उनके सपने, उनके जीवन लक्ष्य आदि पर चर्चाएं हो, अन्यथा युवकों की जीवनशैली में रचनात्मक परिवर्तन के स्थान पर हिंसा-आतंक-विध्वंस की…

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बदलाव एवं विकास की राह ताकता बिहार चुनाव

बदलाव एवं विकास की राह ताकता बिहार चुनाव

– ललित गर्ग – बिहार में चुनावी रणभेरी बज चुकी है। मतदान की तिथियों की घोषणा के साथ ही लोकतंत्र का यह महायज्ञ आरंभ हो चुका है, जिसमें करोड़ों मतदाता दो चरणों में दिनंाक 6 और 11 नवंबर को अपने मत के माध्यम से राज्य की दिशा और दशा दोनों तय करेंगे। इस बार का…

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विश्व शिक्षक दिवस

विश्व शिक्षक दिवस- 5 अक्टूबर, 2025 शिक्षा युद्ध मानसिकता को बदलने का सशक्त माध्यम बने

विश्व शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में मनाया जाता है। इस दिन आध्यापकों को सामान्य रूप से और कतिपय कार्यरत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके विशेष योगदान के लिये सम्मानित किया जाता है। इसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा साल 1966 में यूनेस्को और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की उस संयुक्त बैठक को याद…

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Rss

स्वदेशी एवं स्वावलम्बन ही नये भारत का आधार

– ललित गर्ग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना महोत्सव यानी प्रत्येक वर्ष विजयदशमी के अवसर पर संघ प्रमुख का उद्बोधन एक नए संदेश और नये दृष्टिकोण के साथ सामने आता है, इस उद्बोधन का पूरा राष्ट्र इंतजार करता है। इस बार संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कई ऐसी बातें कहीं, जो सरकार के साथ समाज…

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ललित गर्ग

अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस- 17 अक्टूबर, 2025 गरीबी है मानवता के भाल पर बड़ा कलंक

– ललित गर्ग विश्व समुदाय हर वर्ष 17 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस के रूप में मनाता है। यह दिन केवल एक स्मरण नहीं, बल्कि मानवता के समक्ष खड़ी सबसे बड़ी चुनौती पर मंथन का अवसर है। सभ्यता के विकास, तकनीकी प्रगति, आर्थिक विस्तार और वैश्विक व्यापार के बावजूद आज भी करोड़ों लोग रोटी,…

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लेखिका — रमनदीप कौर

Message to the Youth — A Powerful Call by Ramandeep Kaur

Message to the Youth by Ramandeep Kaur “शक्तिमान् भव युवकः श्रद्दधानो दृढव्रतः। इति मन्त्रं ददौ योऽसौ विवेकानन्ददेशकः॥” My message for awakening self-confidence and inner strength among the youth is this: Have unshakable faith in yourself, recognize your own potential, and remain firmly connected to your roots and culture. Always think positively, accept challenges as lessons,…

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लेखिका — रमनदीप कौर

 युवाशक्तेः जागरणम्—रमनदीप कौर का प्रेरक संदेश

(रमनदीप कौर-महोदयाया युवानां प्रति संदेशः ) शक्तिमान् भव युवकः श्रद्दधानो दृढव्रतः। इति मन्त्रं ददौ योऽसौ विवेकानन्ददेशकः॥ युवानां मध्ये आत्मविश्वासस्य शक्तेः च जागरणार्थं मम संदेशः अयम् अस्ति— स्वस्मिन् अटूटं विश्वासं धारयत, स्वस्य सामर्थ्यं परिजानित, स्वजडैः संस्कृत्या च सह दृढं सम्बद्धा भवत। सदा सकारात्मकं चिन्तनं कुर्वन्तु, आव्हानान् पाठरूपेण गृह्णीत, तथा स्वकीयं उत्साहबलं राष्ट्र-समाजनिर्माणार्थं नियोजयन्तु। यतः यूयमेव भविष्यं,…

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ललित गर्ग

अंकुरम् गर्भ में संस्कार की पाठशाला का अनूठा अभियान

– ललित गर्ग – मानव जीवन की सबसे गहरी जड़ें गर्भ में होती हैं। यह वह प्रथम और सबसे पवित्र पाठशाला है जहाँ न केवल शरीर, बल्कि मनुष्य की चेतना, मूल्य और विचार भी आकार लेते हैं। इस गहन सत्य को आचार्य श्री महाश्रमण की पावन उपस्थिति में अहमदाबाद के कोबा स्थित तेरापंथ सभा भवन…

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