8 फरवरी: देशद्रोही मुखबिरों का वध | चाफेकर बंधु
8 फरवरी/प्रेरक प्रसंग देशद्रोही मुखबिरों का वध देश की स्वाधीनता के लिए जिसने भी त्याग और बलिदान दिया, वह धन्य है; पर जिस घर के सब सदस्य फांसी चढ़ गये, वह परिवार सदा के लिए पूज्य है। चाफेकर बन्धुओं का परिवार ऐसा ही था। 1897 में पुणे में भयंकर प्लेग फैल गया। इस बीमारी को…


