सशक्त उपभोक्ता ही सशक्त राष्ट्र की नींव है
-ललित गर्ग- राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस केवल एक उपभोक्ताओ से जुड़ी तिथि मात्र नहीं है, बल्कि यह उस मौलिक सत्य की स्मृति है कि किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था, सामाजिक संतुलन और नैतिक स्वास्थ्य का केंद्र बिंदु उपभोक्ता ही होता है। उपभोक्ता वह व्यक्ति है जो अपने परिश्रम की कमाई को भरोसे, आवश्यकता और आशा के…


