बूढ़ा-बिया का उत्साह

बूढ़ा-बिया का उत्साह

5 फरवरी/रोचक-प्रसंग बूढ़ा-बिया का उत्साह 1947 में अंग्रेजों के जाने के बाद भी उनकी छोड़ी गयी कई समस्याएं बनी रहीं। पूर्वोत्तर भारत भी ऐसी ही एक समस्या से जूझ रहा था। अंग्रेजों ने ठंडा मौसम और उपजाऊ खाली धरती देखकर वहां चाय के बाग लगाये। ये बाग मीलों दूर तक फैले होते थे। उनमें काम…

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