बालिकाओं के लिए असुरक्षित दिल्ली ?

बालिकाओं के लिए असुरक्षित दिल्ली

संवादाता :

वर्ष का प्रारंभिक माह में राष्ट्रीय राजधानी में लापता होने के आंकड़े सामने आ रहे हैं ।

विशेषकर, महिला और किशोरियों के लापता होने के मामले मन में भय पैदा कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस इन मामलों में जो भी कार्रवाई कर रही है, वह कुछ हद तक राहत तो देते हैं लेकिन गुमशुदा लोगों के आंकड़ों को देखते हुए पर्याप्त नहीं ।

दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में 1 से 15 जनवरी के बीच कुल 807 लोग लापता हुए हैं। ऐसे में मानव तस्करी की भयावह सच्चाई भी डर पैदा कर देती है।

 

लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल

दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन औसतन 54 लोगों के गुम होने के मामलों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इनमें से 509 महिलाएं और लड़कियां थीं, जबकि 298 पुरुष। कुल लापता मामलों में नाबालिग 191 और वयस्क 616 थे। यह आंकड़े दिल्ली में महिलाओं, खासकर किशोरियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

कुछ सफलता भी

इस बीच दिल्ली पुलिस ने 235 लोगों को तो ढूंढ निकला है, किन्तु 572 लोग अब भी लापता हैं। इनमें नाबालिगों में लड़कियों का खतरा सबसे ज्यादा 15 दिनों में औसतन प्रतिदिन 13 बच्चों के लापता होने के मामले मिले हैं। कुल 191 नाबालिगों में 146 लड़कियां थीं।

12 से 18 वर्ष के किशोर सबसे ज्यादा प्रभावित

  • आंकड़ृों के अनुसार, लापता होने के 169 मामलों में 138 किशोरियां और 31 लड़के हैं।
  • पुलिस ने 29 लड़कियों और 19 लड़कों को खोज निकालने में सफलता मिली है। मगर 121 किशोर अभी भी लापता हैं।
  • 8-12 वर्ष में 13 बच्चे लापता (8 लड़के, 5 लड़कियां), केवल 3 लड़के मिले।
  • 8 वर्ष से कम उम्र में 9 बच्चे लापता, 3 लड़के मिले, 6 अभी अज्ञात।

वयस्कों में भी महिलाएं ज्यादा

पीटीआई के आंकड़ों के अनुसार, 616 वयस्क लापता लोगों में से 363 महिलाएं और 253 पुरुष हैं। बरामद किए गए लाेगों में 90 पुरुष और 91 महिलाएं हैं। वहीं, 435 अभी भी गुमशुदा हैं।

भयावह हैं वर्ष 2025 के आंकड़े

असुरक्षित दिल्ली

वर्ष 2025 में कुल 24,508 लोग लापता हुए। इनमें महिलाओं की संख्या 14,870 और पुरुष 9,638 थे। इनमें से पुलिस ने 15,421 को खोज निकाला लेकिन 9,087 मामले अब भी अनसुलझे हैं।

वर्ष 2016-2026 के दशक में कुल 2,32,737 लोग लापता हैं। लगभग 1.8 लाख ट्रेस किए गए हैं लेकिन करीब 52,000 मामले अभी भी नहीं सुलझ सके हैं।

हर वर्ष लापता हो रहे पांच हजार लोग

आंकड़े बताते हैं कि हर वर्ष औसतन 5,000 से अधिक किशोर लापता होते हैं। इनमें से लगभग 3,500 किशोरियां हैं जबकि 2025 में 5,081 किशोर लापता हो गए थे जबकि लड़कियों की संख्या 3,970 थी। इनमें से 1,013 लड़कियों के घरवाले अब भी उनकी राह तक रहे हैं।

 

रिपोर्ट :

प्रमोद कुमार

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